संदिग्ध निकासी से बैंक उपभोगता हुआ परेशान

हैदरगढ़ बाराबंकी । साइबर जालसाजों ने प्रापटी डीलर बैंक खाते से दो लाख 40 हजार रुपया निकाल लिए। खाता धारक को रुपया निकालने का मैसेज प्राप्त होते ही एटीएम को बंद कराकर शेष जमा रकम निकलने से बचा लिया। थाना लोनी कटरा के सोनिकपुर गांव निवासी प्राप्टी डीलर राकेश कुमार मिश्रा का खाता हैदरगढ़ स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में है। बीती 27 अक्टूबर को 40 हजार की दो किस्तों में अचानक रूपया निकलने का मैनेजर मिश्र को मोबाइल पर प्राप्त हुआ। एटीएम द्वारा रूपया निकलने का मैसेज प्राप्त होने पर श्री मिश्रा आश्चर्यचकित में पड़ गए।

बताते हैं कि उस समय एटीएम हमारी जेब में था। 80 हजार रुपया निकलने को लेकर मिश्रा आत्मचिंतन कर ही रहे थे तभी अचानक थोड़ी थोडी देर में एक बार फिर चार किस्तों में 40 हजार रूपया के हिसाब से ट्रांजैक्शन द्वारा दूसरे खातो मे भेजे जाने के मैसेज प्राप्त होने लगे। देखते ही देखते खाता से दो लाख चालीस हजार रुपया निकल गया। इसके बाद मिश्रा ने बैंक टोल फ्री का नंबर लगाकर अपने एटीएम को लॉक कराया। जिसके बाद बैंक खाता से धन निकलने का क्रम खत्म हुआ नहीं तो कई लाख रूपयो का वारा न्यारा हो जाता, सोमवार को मिश्रा सबसे पहले बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक से वार्ता की कई सवाल पूछे सवाल किया की एक दिन में एटीएम से कितना रुपया निकलने का प्रावधान है।

इतना रूपया नही निकल सकता तो कैसे निकल गया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि जालसाजों ने लखनऊ व बलरामपुर एटीएम से 80 रूपया निकाला साथ ही 1 लाख 60 हजार दूसरे के खातों में ट्रांजैक्शन द्वारा भेज दिया। जिसके बाद इन खातों मे जमा किया गया रूपया एटीएम द्वारा आनन फानन में निकाल लिया गया। प्रबंधक से मिलने के बाद कोतवाली पहुंचकर अज्ञात जालसाजों के साथ बैंक को भी आरोपित किया है पुलिस शाखा प्रबंधक के सहयोग से हुई जालसाजी की छानबीन शुरु कर दी है।

मेला से लौट रही किषोरी के साथ दुराचार का आरोप

पिता ने चौकी इंचार्ज पर लगाया सुलह न करने पर धमकी देने का आरोप

फतेहपुर बाराबंकी । मेला देखकर लौट रही किशोरी के साथ 2 युवकों द्वारा जबरन दुराचार किये जाने का आरोप लगाते हुए पिता ने पुलिस चौकी इंचार्ज पर जबरन सुलह किये जाने का दबाव डाले जाने की शिकायत प्रदेश मुखिया से की है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है यदि पीड़ित पक्ष उनके पास आयेगा तो वह कार्यवाही करेगें।

मोहम्मदपुरखाला थाना क्षेत्र के ग्राम डीहा निवासी एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि उसकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री 21 अक्टूबर 2017 को हेतमापुर मेला देखने गयी थी और अकेले घर लौट रही थी तभी हेतमापुर जंगल के पास गांव के ही निवासी धर्मवीर पुत्र दर्शन, हरीओम पुत्र दर्शन उसकी पुत्री को जबरन जंगल में खींच ले गये और बारी-बारी से उसके साथ दुराचार किया और 2 दिन तक जबरन बन्धक बनाये रखा। 23 अक्टूबर को उसकी पुत्री किसी तरह से उनके चंगुल से भाग निकली और घर आकर सारी घटना बतायी। घटना की शिकायत किशोरी के पिता ने लालपुर पुलिस चौकी पर दी परन्तु चौकी इंचार्ज शीतला प्रसाद मिश्र द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने पर वह थाने गये तो विपक्षियों से मिले हुए चौकी इंचार्ज ने दो सादे कागज पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिये और सुलह का दबाव बनाने लगे और सुलह न करने पर किसी हरिजन महिला को खड़ा करके बहनोई के विरूद्ध फर्जी बलात्कार का मुकदमा लगाकर जेल भेज देने की धमकी देने लगे। पीड़ित का यह भी कहना है कि चौकी इंचार्ज शीतला प्रसाद मिश्र उसके घर भी आये थे और मां-बहन की गाली देते हुए सुलह न करने पर परिणाम भुगतने की बात कह रहे थे।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री सहित पुलिस अधिकारियों को जनसुनवाई पोर्टल की शिकायत सं0 40017617010812 के माध्यम से चौकी इंचार्ज के विरूद्ध उचित दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने के साथ विपक्षीगणों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किये जाने की गुहार लगायी है। प्रभारी निरीक्षक जनमेजय सचान ने बताया कि पीड़ित पक्ष उनसे नहीं मिला है यदि शिकायत मिलती है तो कार्यवाही की जायेगी।

दबिश देने गयी पुलिस पर महिला की हत्या का आरोप

कच्ची शराब के ठिकानों पर पुलिस की दबिश

दलित महिला की मौत पर गांव वालों का हंगामा

बाराबंकी । असन्दरा थाना क्षेत्र के मानपुर मकोहिया गांव में कच्ची शराब के लिए दबिश देने गई पुलिस ने दलित गर्भवती महिला की लात मार दी जिससे महिला की मौत हो गयी, परिजनों का ऐसा ही कुछ आरोप है, मृतकों के परिजनों की मानें तो दबिश देने आई पुलिस से घबराकर घर के लोग भाग गए, लेकिन दलित गर्भवती महिला रुचि रावत पेट में गर्भ होने की वजह से भाग न सकी।

पुलिसकर्मियों को दलित गर्भवती महिला पर शक हुआ कि कहीं उसने अपने पेट के आगे कच्ची शराब तो नहीं छुपा रखी है। बस फिर क्या था पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया तो महिला भी भागी, परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि पुलिस छापे के दौरान कुछ खाकीधारियों ने मृतिका को दौड़ाते हुए लात मारी। जिससें गर्भवती रुचि जमीन पर गिर पड़ी और उसकी तड़पकर मौत हो गई। उन्हीं के परिजन शिवराम का कहना है कि असंद्रा थाना पुलिस गांव में शराब की दबिश देने आई थी। जिससे वह घर के बाहर निकली। पुलिस उनको भी दौड़ाया और वह दौड़ते दौड़ते गिर गई जिससे पीछे से आ रहे पुलिसकर्मियों ने उनको लात घूसों से मारना शुरू कर दिया जिससे रुचि देवी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का रवैया वहां के ग्रामीणों में असंद्रा थाना पुलिस के प्रति काफी आक्रोश देखने को मिला है। पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही पर एएसपी शशिकांत तिवारी ने जनता के आक्रोश पर 304 आईपीसी में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करवाया है।

इस बारे में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अनिल सिंह ने बताया कि पुलिस ने कोई धक्का या लात नही मार, उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि गांव वाले यह बहाना इस लिए कर रहे हैं कि भविष्य में पुलिस उनके शराब के व्यवसाय के लिए गांव में दबिश ना दे। लेकिन यह जांच का विषय है और जांच होगी, अगर कोई दोषी है तो कार्यवाही होगी।

आरोप पत्र दाखिल, मुल्ज़िम हाज़िर नहीं

बाराबंकी। थाना असन्दरा के ग्राम पहलवान पुरवा निवासी एक अधेड़ महिला ने अपने साथ दूसरे गाँव के दो सगे भाइयों द्वारा बलात्कार किये जाने की प्राथमिकी शुक्रवार को दर्ज कराई है। जिन दो लोगों के नाम इस महिला ने प्राथमिकी अंकित कराई है उनमे से एक रमाकांत की पुत्री द्वारा पाँच माह पूर्व, इसी महिला के पुत्र संग्राम के विरुद्ध शादी का झांसा देकर बलात्कार करने की प्राथमिकी असन्दरा थाने में अंकित कराई गई थी। जिसमें आरोप पत्र अदालत में दाखिल हो चुका है और मुलजिम हाजिर नहीं हैं। अदालत ने इस महिला के आरोपी पुत्र संग्राम को सम्मन जारी किया हुआ है। इसी मामले में विगत कई दिनों से रमाकांत पर सुलह करने का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी।

अभिनेता संजय दत्त बाराबंकी अदालत में पेश हों

बाराबंकी । साल 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की एक रैली में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के​ लिए विवादित टिप्पणी करने वाले अभिनेता संजय दत्त की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिला अदालत ने उनके खिलाफ मामले में समन जारी किया है। इसकी तामील 16 नवंबर तक होनी है। साल 2009 में बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए जादू की झप्पी देने वाली विवादित टिप्पणी की थी। मामले में तत्कालीन मसौली थानाध्यक्ष द्वारा टिकैतनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब बाराबंकी एसीजेएम कोर्ट नंबर 25 ने समन 2 प्रतियों में जारी किया गया है। कोर्ट ने 16 नवंबर 2017 से पहले तामील और कोर्ट में पेश करने के मुम्बई कमिश्नर को कहा है।

दरअसल यह पूरा मामला 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। जब 19 अप्रैल को दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टिकैतनगर कस्बे में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में एक जनसभा का आयोजन किया गया था। इसमें समाजवादी पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह व गोरखपुर से लोकसभा प्रत्याशी मनोज तिवारी के अलावा पार्टी के स्टार प्रचारक व फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त भी आये हुए थे। इस जनसभा के दौरान संजय दत्त ने मंच से बसपा सुप्रीमो के लिए टिप्पणी की थी। इस भाषण की निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वीडियो रिकार्डिंग करवाई जा रही थी। जिसके साक्ष्य के आधार पर 19 अप्रैल 2009 को थाना टिकैतनगर पर तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने संजय दत्त के खिलाफ बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए अभद्र व अशोभनीय टिप्पणी करने का मामला दर्ज कराया था। बाद में मामले में हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर पास कर दिया था लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने अपने स्टे आर्डर को वेकेट कर दिया था।

वर्तमान में इसी प्रकरण में बाराबंकी के एसीजेएम कोर्ट ने अभिनेता संजय दत्त के खिलाफ समन जारी करते हुए मुम्बई पुलिस कमिश्नर को 16 नवंबर 2017 से पहले इस को तामील करते हुए तामील रिपोर्ट देने के आदेश देते हुए पत्र प्रेषित किया है।

शाहजहांपुर गैंगरेप-मर्डर: पुलिस के खुलासे पर सवाल, क्या सिर्फ एक शख्स कर सकता है इतनी दरिंदगी?

शाहजहाँपुर। यूपी के शाहजहाँपुर में बीते मंगलवार को नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या मामले का खुलासा किया है लेकिन पुलिस के इस खुलासे पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इस मामले में पुलिस ने गांव के रहने वाले एक शराब बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार कर खुलासा करके अपनी पीठ थपथपा ली है लेकिन जिस शख्स को गिरफ्तार किया है उसका कहना है कि जब लाश मिलने की खबर मृतक बच्ची के पिता को मिली उस वक्त वह उन्हीं के साथ में था। हमें बेगुनाह फंसाया गया है। पुलिस का खुलासा और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट बिल्कुल अलग है क्योंकि उन्होंने बताया था कि बच्ची के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी हैं। उसके प्राइवेट पार्ट पर कई जख्म के निशान हैं। इस घटना को एक से ज्यादा लोगों ने अंजाम दिया है। ऐसे में इस खुलासे पर पुलिस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

सवालों के घेरे में पुलिस का खुलासा दरअसल बीते मंगलवार को थाना रौजा क्षेत्र के एक ग्रामीण की 12 साल की बच्ची की खेत गैंगरेप के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान के साथ साथ चेहरे पर दांत से काटने के भी निशान थे। बच्ची के गले मे रस्सी मिली थी जिससे लग रहा था कि बच्ची के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार की गई है। वहीं परिजनों ने भी आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया है। इस घटना के बाद से जनपद मे जनता मे काफी रोष था। साथ ही इस गंभीर घटना पर कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी नजर बनाए हुए थे। उन्होंने पुलिस के आलाधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए थे। हलांकि पुलिस पर दबाव लगातार खुलासे के लिए बन रहा था। यही वजह है कि पुलिस ने खुलासा तो कर दिया लेकिन ये खुलासा सवालो के घेरे मे आ गया है।

खुलासे के लिए बनाई गई थी कई पुलिस टीमें दरअसल पुलिस ने इस मामले में और क्राइम ब्रांच समेत कई टीमों को लगा रखा था। पुलिस खुलासा करते हुए गांव के ही रहने वाले सुरेंद्र को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि सुरेन्द्र नाम का शख्स अपराधिक छवि का है। पुलिस जांच मे पता चला कि इस घटना को अपराधी सुरेंद्र ने ही किया है। सुरेन्द्र गांव मे शराब बनाने का काम करता है। रौजा थाने मे उसके उपर 5 मुकदमे दर्ज है। सुरेन्द्र ने ही अकेले उसके साथ रेप किया और उसकी बेरहमी से हत्या की है।

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना था वहीं जब तीन डॉक्टर के पैनल ने इस शव का पोस्टमॉर्टम किया था तब डॉक्टर ने दरिंदगी के बारे मे बताया था कि कितनी हदें इस बच्ची के साथ पार की गई थी। डॉक्टर ने बताया था कि बच्ची के पूरे शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। बच्ची के प्राईवेट पार्ट मे कई जख्म मिले थे। जख्म देखने से लग रहा था कि उसके साथ एक से ज्यादा लोगों ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। बच्ची के चेहरे पर दांत से काटने के निशान मिले और साथ ही बच्ची के होठ कटे हुए थे। बच्ची की गला घोट कर हत्या की गई थी।
आरोपी का कहना है, पुलिस ने फंसाया पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस का खुलासा मेल नही खाता है क्योंकि पुलिस दावा कर रही है कि सुरेन्द्र ने अकेले इस घटना को अंजाम दिया है तो वहीं पोस्टमॉर्टम करने वाले डाक्टर बताते है कि बच्ची के साथ एक से ज्यादा लोगों ने दरिंदगी की है। ऐसे मे पुलिस ने खुलासा तो कर दिया है। लेकिन पकड़े गए आरोपी सुरेंद्र से बात की तो उसने खुद को बेकसूर बताया। उसका कहना है कि जिस दिन बच्ची की लाश मिलने की खबर आई थी उस वक्त वह बच्ची के पिता के साथ ही थे। उससे पहले वह खेत से अपने घर लौटा था। उसके बाद वह बच्ची के पिता के पास बैठकर पेपर पढ़ रहा था। उसका कहना है कि वह शराब जरूर बनाता है लेकिन ऐसी घिनौनी हरकत वह नहीं कर सकता है। उसका कहना है कि पुलिस ने उसको फंसाया है।

परिजनों ने भी कहा, एक से ज्यादा दरिंदे पकड़े गए आरोपी सुरेन्द्र के परिजनों का कहना है कि बच्ची की लाश देखने से लग रहा था कि उसके साथ काफी ज्यादा दरिंदगी की है। उसके प्राइवेट पार्ट मे गंभीर चोटें थीं। शरीर पर चोट थी चेहरे पर दांत से काटने के निशान थे। इस तरह की हत्या अकेला कोई शख्स नहीं कर सकता है। उनका कहना है कि ये वो नहीं कहते हैं कि सुरेंद्र इस घटना मे शामिल थे या नहीं लेकिन ऐसी दरिंदगी को कोई अकेला शख्स अंजाम नहीं दे सकता है। उनकी मांग है कि पुलिस किसी बेगुनाह को ना फंसाए, इस मामले में निर्दोष जेल न जाए।

रंजिशन हत्या करने वालों को मिली उम्रकैद

स रहकर काफी दिनो से सब्जी की दुकान लगाता है | पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पास्को ऐक्ट के तहत रेप का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
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रंजिशन हत्या करने वालों को मिली उम्रकैद
लखनऊ। डीजी अभियोजन उप्र के निर्देश पर चलाये जा रहे सजा कराओ
अभियान के तहत जनपद कानपुर नगर के थाना बाबूपुरवा के एक हत्या के
मामले में मुल्जिमान फिरोज अहमद, मतीन अहमद, जहीरूद्दीन अहमद निवासी
130\295 अजीतगंज थाना बाबूपुरवा को उम्रकैद व एक लाख रुपये के अर्थ
दण्ड से दण्डित कराने में सफलता मिली। इस मामले में इन मुल्जिमान घटना
के 5 अप्रैल 2006 को सायंकाल 4 बजे वादी मुकदमा अकरम के भाई आजम
को घर से बुलाकर ले गये। वादी मुकदमा का भाई घर नहीं लौटा तो
दूसरे दिन मोह मद आजम की लाश अजीतगंज कपूर के हाते के पास गली
में मिली। पीड़ित की सूचना पर थाने में केस पंजीकृत हुआ जिसकी
विवेचना एसएसआई राम लखन यादव ने की और आरोप पत्र मय महत्वपूर्ण
साक्ष्य के न्यायालय भेजा गया। पीड़ित सहित सभी गवाहों ने घटना का समर्थन
किया। अभियोजक अरविन्द कुमार तिवारी द्वारा प्रभावी पैरवी कर सजा
कराने में सफलता प्राप्त की गई। इसी प्रकार जनपद फिरोजाबाद के थाना
नारकी के एक हत्या के मामले में अभियुक्त मोनू व रामवीर को
उम्रकैद व प्रत्येक को दस-ं दस हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दण्डित
कराने में अभियोजन को सफलता मिली। इस मामले में मुल्जिमान मोनू और
रामवीर से पीड़ित मुकदमा के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। इसी बात
को लेकर मुल्जिमान ने वादी के पिता की गोली मार कर हत्या कर दी
गई। पीड़ित की सूचना पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। जिसकी विवेचना की
गई और विवेचना के बाद आरोप पत्र मय महत्वपूर्ण साक्ष्य के न्यायालय पेश
किया गया। सरकारी वकील श्रीनारायण सक्सेना,एडीजीसी द्वारा प्रभावी
पैरवी कर सजा कराने में सफलता हासिल हुई। इसी प्रकार जनपद
प्रतापगढ़ के थाना रानीगंज के हत्या के मामले में मुल्जिमान बरकत अली
उर्फ मियॉ, बबलू उर्फ गुलसार और ओम प्रकाश, मोह मद इरफान उर्फ
सतरंगी को उम्रकैद की सजा मिली। इसी तरत जनपद चन्दौली के थाना
कोतवाली चन्दौली के एक हत्या के मामले में अभियुक्त नन्द लाल मिश्रा को
उम्रकैद की सजा कराने में सफलता मिली

गायत्री प्रजापति के सरकारी आवास पर पुलिस ने मारा छापा

लखनऊ ।

अखिलेश के करीबी व परिवहन मंत्री के सरकारी आवास पर मंगलवार को पुलिस पहुंची। मंत्री के न मिलने पर क्षेत्राधिकारी ने परिजनों से पूछताछ की है। पुलिस के अनुसार मंत्री पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाया है, जिसके बाद यह कार्यवाही की गई हैं।
गौरतलब है कि एक महिला ने परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व उनके समर्थकों पर रेप का आरोप लगाया। न्याय के लिए थाने से लेकर डीजीपी आवास तक चक्कर लगाने के बाद भी पीड़िता की फरियाद नही सुनी गईं। इस पर पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई। मामला सर्वोच्च न्यायलय के पास आया और गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार को फटकार लगाई। साथ ही तत्काल मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। निदेर्शानुसार एडीजी लॉ एण्ड आर्डर दलजीत चौधरी ने मंत्री के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। बता दे कि मुकदमा कई दिन पहले दर्ज होने के बाद भी सत्ता की हनक के चलते मंत्री के खिलाफ पुलिस कार्यवाही करती नजर नहीं आयी। मामला एक बार फिर हाइ लाइट होने पर पर पुलिस हरकत में आयी और मंगलवार की दोपहर आलमबाग सीओ नमिता सिंह पुलिस दल बल के साथ उनके सरकारी आवास पहुंची। मंत्री घर पर नहीं मिले। उनके न मिलने पर पुलिस ने परिजनों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इस मामले में जब सीओ से बातचीत की गई है तो उन्होंने कहा कि वह विवेचना करने आयी थी, लेकिन मंत्री नही मिले है, जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जायेगी।

बेटे ने बुजुर्ग मां के सिर फावड़ा मारकर किया लहुलूहान

लखनऊ ।
काकोरी इलाके में घरेलू विवाद से क्षुब्ध होकर युवक ने अपनी वृद्घ मां के सिर पर फावड़े से वार कर दिया। बुजुर्ग मां मौके पर ही खून से लथपथ होकर गिर गई। हमलावर के भाई और मामा व स्थानीय लोगों आरोपी को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। काकोरी के ग्राम जेहटा निवासी दिनेश रावत ने बताया कि सोमवार रात्रि मां राजकुमारी और उनके छोटे भाई सुनील का घरेलू विवाद हो रहा था। विवाद के दौरान सुनील ने आक्रोशित होकर चूल्हा तोड़ दिया। इस पर ६० वर्षीय मां ने उसकी पिटाई कर दी। सुनील ने पलटवार करते हुए अपनी के सिर व पैर पर फावड़े से ताबड़तोड़ कई वार कर दिये। वृद्घा खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर गई। वृद्घा को अचेत हालत में देख परिजन चीखने-चिल्लाने लगे। चीखने की आवाज सुनकर मौके पर स्थानीय लोग पहुंच गए। हमलावर के भाई और मामा समेत ग्रामीणों ने आरोपी को दबोच लिया और उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की नियत से वार करना समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया ह

-घरेलू विवाद में घटना को दिया अंजाम, बुजुर्ग मां की हालत गंभीर
-भाई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्

रेप पीड़िता को महिला दारोगा ने थाने से खदेड़ा, नहीं दर्ज की एफआईआर

अलीगंज थाना क्षेत्र की घटन
लखनऊ । अलीगंज थाने की महिला दारोगा पर रेप पीड़िता को थाने से भगाने का आरोप लगाया गया है। अलीगंज इलाके की ही रहने वाली पीड़िता के अनुसार उसकी मुलाकात २००९ में गोरखपुर के रहने वाले एक व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद दोनों में प्रेम प्रसंग हो गया और फिर दोनों में सम्बन्ध बन गए। इसके बाद प्रेमी ने मंदिर में कई गवाहों के समक्ष उससे दिखावटी शादी कर ली। इस दौरान लगातार पांच वर्षों तक वह पीड़िता का बलात्कार और शोषण करता रहा। पीड़िता का आरोप है कि अचानक वह उसे छोड़कर भाग गया। बीती १८ फरवरी को शेखर ने उससे शादी न करने की बात कहते हुए उसे धमकाया और जान से मारने की धमकी देने लगा। आरोप है कि महिला दारोगा श्वेता द्विवेदी के पास पीड़िता लगभग सात दिन पहले तहरीर लेकर गई तो उन्होंने कहा कि तुम्हारा मामला ही फर्जी है तो कोई मुकदमा नहीं लिखा जायेगा। इसके बाद से पीड़िता लगातार थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन दारोगा श्वेता द्विवेदी उसे लगातार टाल ही रही है और मुकदमा आज तक दर्ज नहीं किया है। महिला दारोगा ने पीड़िता से यह भी कहा कि अपनी मर्जी से उसके साथ रही हो अब वो नहीं रहना चाहता अपने-अपने रास्ते अलग कर लो। वही जब इस मामले में महिला दारोगा श्वेता द्विवेदी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उसके प्रेमी को बुलाया गया है और उसने चार तारीख के बाद आने की बात कही है।

.जेवर गहने और रुपये लेकर हुआ फरार
पीड़िता ने बताया कि वह आत्मनिर्भर है और खुद अपनी जिम्मेदारियां निभाती है। शेखर ने उसे प्रेमजाल में फंसाकार विश्वास में लिया। इस दौरान शेखर ने उससे रुपये ले लिए और जरुरत की बात कहते हुए उससे उसके जेवर मांग लिए और सब लेकर फरार हो गया।

.गर्भपात कराने का भी है आरोप
पीड़िता ने बताया कि वह और शेखर पति-पत्नी की तरह घर पर ही रहते थे। इस बीच पीड़िता गर्भवती भी हुई। पीड़िता के गर्भवती होने की बात शेखर को पता चली तो उसने षड्यंत्र रचकर जब पीड़िता अर्धमूर्छित थी तब उसका गर्भपात करा दिया। पीड़िता द्वारा कारण पूछने पर उसे टरका दिया। आरोप है कि शेखर द्वारा लगातार पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

.सीओ से मिली,एसएसपी से मिलने का किया प्रयास
पीड़िता ने बताया कि जब उसकी शिकायत थाने पर नहीं सुनी गई तो उसने सीओ अलीगंज डॉ मीनाक्षी गुप्ता से न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद सीओ अलीगंज ने मामले में दारोगा श्वेता द्विवेदी को संज्ञान लेने को कहा था। बावजूद इसके उन्होंने मामला दर्ज नहीं किया। वहीं पीड़िता ने यह भी बताया कि उसने एसएसपी मंजिल सैनी से भी मिलने का प्रयास किया था, लेकिन पीआरओ ने यह कहकर वापस भेज दिया कि एसएसपी मैडम व्यस्त हैं मिल नहीं सकती।
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