नाईट क्लब मे बदल दिया थi राजभवन को :

यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद पद छोड़ने वाले वी षणमुगनाथन संघ के जीवनदानी प्रचारक रहे हैं यानी ऐसे प्रचारक जो जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन करने का व्रत लेते हैं.

राजभवन के 80 से अधिक कर्मचारियों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजी गई थी जिसमें उनके ख़िलाफ़ गंभीर शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया

पत्र में कहा गया था कि उन्होंने “राजभवन को ‘लेडीज़ क्लब’ में बदल दिया था जहाँ सिर्फ़ युवा महिला कर्मचारियों की ‘नाइट ड्यूटी’ लगाई जाती थी.”

मेघालय के राज्यपाल वी षणमुगनाथन ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को तमिलनाडु में मज़बूत बनाने में लगाया.

परंपरागत तौर पर दक्षिण भारत में संघ की उतनी पैठ नहीं रही है जितनी उत्तर और पश्चिमी भारत में, इस लिहाज से षणमुगनाथन का काम काफ़ी कठिन था, उन्होंने 45 साल से अधिक समय संघ को गाँव-गाँव में पहुँचाने में लगाया

उन्होंने राष्ट्रवाद और हिंदू संस्कृति की महानता पर तमिल में तीन किताबें भी लिखी हैं.