संदिग्ध निकासी से बैंक उपभोगता हुआ परेशान

हैदरगढ़ बाराबंकी । साइबर जालसाजों ने प्रापटी डीलर बैंक खाते से दो लाख 40 हजार रुपया निकाल लिए। खाता धारक को रुपया निकालने का मैसेज प्राप्त होते ही एटीएम को बंद कराकर शेष जमा रकम निकलने से बचा लिया। थाना लोनी कटरा के सोनिकपुर गांव निवासी प्राप्टी डीलर राकेश कुमार मिश्रा का खाता हैदरगढ़ स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में है। बीती 27 अक्टूबर को 40 हजार की दो किस्तों में अचानक रूपया निकलने का मैनेजर मिश्र को मोबाइल पर प्राप्त हुआ। एटीएम द्वारा रूपया निकलने का मैसेज प्राप्त होने पर श्री मिश्रा आश्चर्यचकित में पड़ गए।

बताते हैं कि उस समय एटीएम हमारी जेब में था। 80 हजार रुपया निकलने को लेकर मिश्रा आत्मचिंतन कर ही रहे थे तभी अचानक थोड़ी थोडी देर में एक बार फिर चार किस्तों में 40 हजार रूपया के हिसाब से ट्रांजैक्शन द्वारा दूसरे खातो मे भेजे जाने के मैसेज प्राप्त होने लगे। देखते ही देखते खाता से दो लाख चालीस हजार रुपया निकल गया। इसके बाद मिश्रा ने बैंक टोल फ्री का नंबर लगाकर अपने एटीएम को लॉक कराया। जिसके बाद बैंक खाता से धन निकलने का क्रम खत्म हुआ नहीं तो कई लाख रूपयो का वारा न्यारा हो जाता, सोमवार को मिश्रा सबसे पहले बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक से वार्ता की कई सवाल पूछे सवाल किया की एक दिन में एटीएम से कितना रुपया निकलने का प्रावधान है।

इतना रूपया नही निकल सकता तो कैसे निकल गया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि जालसाजों ने लखनऊ व बलरामपुर एटीएम से 80 रूपया निकाला साथ ही 1 लाख 60 हजार दूसरे के खातों में ट्रांजैक्शन द्वारा भेज दिया। जिसके बाद इन खातों मे जमा किया गया रूपया एटीएम द्वारा आनन फानन में निकाल लिया गया। प्रबंधक से मिलने के बाद कोतवाली पहुंचकर अज्ञात जालसाजों के साथ बैंक को भी आरोपित किया है पुलिस शाखा प्रबंधक के सहयोग से हुई जालसाजी की छानबीन शुरु कर दी है।

मेला से लौट रही किषोरी के साथ दुराचार का आरोप

पिता ने चौकी इंचार्ज पर लगाया सुलह न करने पर धमकी देने का आरोप

फतेहपुर बाराबंकी । मेला देखकर लौट रही किशोरी के साथ 2 युवकों द्वारा जबरन दुराचार किये जाने का आरोप लगाते हुए पिता ने पुलिस चौकी इंचार्ज पर जबरन सुलह किये जाने का दबाव डाले जाने की शिकायत प्रदेश मुखिया से की है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है यदि पीड़ित पक्ष उनके पास आयेगा तो वह कार्यवाही करेगें।

मोहम्मदपुरखाला थाना क्षेत्र के ग्राम डीहा निवासी एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि उसकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री 21 अक्टूबर 2017 को हेतमापुर मेला देखने गयी थी और अकेले घर लौट रही थी तभी हेतमापुर जंगल के पास गांव के ही निवासी धर्मवीर पुत्र दर्शन, हरीओम पुत्र दर्शन उसकी पुत्री को जबरन जंगल में खींच ले गये और बारी-बारी से उसके साथ दुराचार किया और 2 दिन तक जबरन बन्धक बनाये रखा। 23 अक्टूबर को उसकी पुत्री किसी तरह से उनके चंगुल से भाग निकली और घर आकर सारी घटना बतायी। घटना की शिकायत किशोरी के पिता ने लालपुर पुलिस चौकी पर दी परन्तु चौकी इंचार्ज शीतला प्रसाद मिश्र द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने पर वह थाने गये तो विपक्षियों से मिले हुए चौकी इंचार्ज ने दो सादे कागज पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिये और सुलह का दबाव बनाने लगे और सुलह न करने पर किसी हरिजन महिला को खड़ा करके बहनोई के विरूद्ध फर्जी बलात्कार का मुकदमा लगाकर जेल भेज देने की धमकी देने लगे। पीड़ित का यह भी कहना है कि चौकी इंचार्ज शीतला प्रसाद मिश्र उसके घर भी आये थे और मां-बहन की गाली देते हुए सुलह न करने पर परिणाम भुगतने की बात कह रहे थे।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री सहित पुलिस अधिकारियों को जनसुनवाई पोर्टल की शिकायत सं0 40017617010812 के माध्यम से चौकी इंचार्ज के विरूद्ध उचित दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने के साथ विपक्षीगणों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किये जाने की गुहार लगायी है। प्रभारी निरीक्षक जनमेजय सचान ने बताया कि पीड़ित पक्ष उनसे नहीं मिला है यदि शिकायत मिलती है तो कार्यवाही की जायेगी।

दबिश देने गयी पुलिस पर महिला की हत्या का आरोप

कच्ची शराब के ठिकानों पर पुलिस की दबिश

दलित महिला की मौत पर गांव वालों का हंगामा

बाराबंकी । असन्दरा थाना क्षेत्र के मानपुर मकोहिया गांव में कच्ची शराब के लिए दबिश देने गई पुलिस ने दलित गर्भवती महिला की लात मार दी जिससे महिला की मौत हो गयी, परिजनों का ऐसा ही कुछ आरोप है, मृतकों के परिजनों की मानें तो दबिश देने आई पुलिस से घबराकर घर के लोग भाग गए, लेकिन दलित गर्भवती महिला रुचि रावत पेट में गर्भ होने की वजह से भाग न सकी।

पुलिसकर्मियों को दलित गर्भवती महिला पर शक हुआ कि कहीं उसने अपने पेट के आगे कच्ची शराब तो नहीं छुपा रखी है। बस फिर क्या था पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया तो महिला भी भागी, परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि पुलिस छापे के दौरान कुछ खाकीधारियों ने मृतिका को दौड़ाते हुए लात मारी। जिससें गर्भवती रुचि जमीन पर गिर पड़ी और उसकी तड़पकर मौत हो गई। उन्हीं के परिजन शिवराम का कहना है कि असंद्रा थाना पुलिस गांव में शराब की दबिश देने आई थी। जिससे वह घर के बाहर निकली। पुलिस उनको भी दौड़ाया और वह दौड़ते दौड़ते गिर गई जिससे पीछे से आ रहे पुलिसकर्मियों ने उनको लात घूसों से मारना शुरू कर दिया जिससे रुचि देवी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का रवैया वहां के ग्रामीणों में असंद्रा थाना पुलिस के प्रति काफी आक्रोश देखने को मिला है। पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही पर एएसपी शशिकांत तिवारी ने जनता के आक्रोश पर 304 आईपीसी में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करवाया है।

इस बारे में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अनिल सिंह ने बताया कि पुलिस ने कोई धक्का या लात नही मार, उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि गांव वाले यह बहाना इस लिए कर रहे हैं कि भविष्य में पुलिस उनके शराब के व्यवसाय के लिए गांव में दबिश ना दे। लेकिन यह जांच का विषय है और जांच होगी, अगर कोई दोषी है तो कार्यवाही होगी।

आरोप पत्र दाखिल, मुल्ज़िम हाज़िर नहीं

बाराबंकी। थाना असन्दरा के ग्राम पहलवान पुरवा निवासी एक अधेड़ महिला ने अपने साथ दूसरे गाँव के दो सगे भाइयों द्वारा बलात्कार किये जाने की प्राथमिकी शुक्रवार को दर्ज कराई है। जिन दो लोगों के नाम इस महिला ने प्राथमिकी अंकित कराई है उनमे से एक रमाकांत की पुत्री द्वारा पाँच माह पूर्व, इसी महिला के पुत्र संग्राम के विरुद्ध शादी का झांसा देकर बलात्कार करने की प्राथमिकी असन्दरा थाने में अंकित कराई गई थी। जिसमें आरोप पत्र अदालत में दाखिल हो चुका है और मुलजिम हाजिर नहीं हैं। अदालत ने इस महिला के आरोपी पुत्र संग्राम को सम्मन जारी किया हुआ है। इसी मामले में विगत कई दिनों से रमाकांत पर सुलह करने का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी।

سنجے دت کے خلاف ان کے پڑوسیوں کی پولیس کو شکایت

ممبئی: بالی ووڈ اداکار سنجے دت کے پڑوسیوں نے رات گئے پارٹی میں تیز میوزک چلانے اور غل غپاڑہ کرنے کے الزام میں اداکار کے خلاف پولیس کو شکایت درج کرادی۔

سنجے دت پارٹیوں کے حوالے سے ویسے ہی مشہور ہیں اور کئی بار گھر میں ہونے والی پارٹیوں میں غل غپاڑہ کرنے پر پڑوسیوں نے  پولیس کو شکایت بھی کی ہے اور ایک مرتبہ بھی اسی معاملے پر پولیس نے سنجے دت کے گھر کا رخ کرلیا۔

بھارتی میڈیا کے مطابق سنجے دت کے گھر میں رات گئے پارٹی جاری تھی جس میں کئی معروف فلمی شخصیات بھی موجود تھیں جب کہ اس دوران تیز میوزک چلانے ا ور غل غپاڑہ کرنے پرپڑوسی سکون کی نیند سو نہ سکے جس پر پالی ہل ریزیڈینس ایسوسی ایشن نے پولیس سے شکایت کردی اور  پولیس اداکار کے گھر پہنچ گئی جہاں انہوں نے میوزک کی آواز کم کراتے ہوئے  دوبارہ اجتناب برتنے کی وارننگ دے ڈالی ہے

ایپل انڈیا میں آئی فون تیار کرے گا

انڈین ریاست کرناٹک کی حکومت کا کہنا ہے کہ ٹیکنالوجی کمپنی ایپل ریاست میں آئی فون بنانا شروع کرنے والی ہے۔

وزرا کا کہنا ہے کہ ایپل کرناٹک میں فون بنانے کا ابتدائی کام اپریل میں شروع کرے گی۔ خیال رہے کہ کرناٹک کا ریاستی دارالحکومت بنگلور آئی ٹی کا گڑھ سمجھا جاتا ہے۔

انڈیا کی موبائل مارکیٹ میں ایپل کا حصہ محض دو فیصد ہے اور وہ اپنے کورین حریف سام سنگ سے خاصا پیچھے ہے۔

ایپل کی جانب سے تاحال اس منصوبے کی باضابطہ تصدیق نہیں ہوئی اور ان کا کہنا ہے کہ وہ انڈیا میں ‘واضح سرمایہ’ میں دلچسپی رکھتے ہیں۔

تاہم کرناٹک کے انفارمیشن ٹیکنالوجی اور بائیو ٹیکنالوجی کے وزیر پریانک کھرج نے خبررساں ادارے اے ایف پی کو بتایا ہے کہ ‘ہماری ایپل کے ساتھ بات چیت جاری ہے اور ہم توقع کرتے ہیں کہ اپریل کے آخر تک کرناٹک میں فون کی تیاری شروع ہو جائے گی۔’

اطلاعات کے مطابق اس حوالے سے ایک پلانٹ تائیوان کی ایک تعمیراتی کمپنی وسٹرون کارپوریشن تعمیر کر رہی ہے۔

فروخت میں کم شرح کے باوجود مہنگے فونوں کی تقریباً نصف مارکیٹ پر ایپل حاوی ہے جس کے ایک فون کی قیمت 450 امریکی ڈالر سے شروع ہوتی ہے اور اس کی فروخت میں اضافہ ہو رہا ہے۔

حالیہ منصوبے کو عملی جامہ پہنانے سے قبل ایپل نے حکومتی اور ریاستی حکومت کے نمائندگان سے کئی ملاقاتیں کی تھیں۔

خیال رہے کہ ایپل کا سب سے بڑا پارٹنر تائیوان کی کمپنی فوکسکون ہے جو چین میں ایپل کی سب سے بڑی آئی فون کی فیکٹری چلاتی ہے۔

گذشتہ ہفتے جاری ہونے والے اعدادوشمار کے مطابق ایپل کو آئی فون سیون کی فروخت کے بعد اپنی پہلی سہ ماہی میں اب تک کا سب سے زیادہ منافع ہوا ہے۔

آئی فون 7 کی ریلیز کے بعد سے ایپل کی کل فروخت سات کروڑ 84 لاکھ ڈالر ہے جو گذشتہ برس اسی دورانیے کی فروخت سے تین فیصد زیادہ ہے۔

حافظ سعید کی نظر بندی:’انڈیا سے توثیق یا تصدیق کی ضرورت نہیں‘

پاکستان نے انڈین وزارت خارجہ کے حافظ محمد سعید کی نظر بندی سے متعلق بیان پر ردعمل ظاہر کرتے ہوئے کہا ہے کہ پاکستان کو حافظ سعید سے متعلق حالیہ اقدامات پر انڈیا سے توثیق یا تصدیق کی ضرورت نہیں ہے۔
بدھ کو وزارت داخلہ کے ترجمان کی جانب سے جاری کردہ بیان میں کہا گیا ہے کہ حکومت پاکستان کی جانب سے یہ اقدامات جماعت الدعوۃ کے حوالے سے دسمبر 2008 کو پیش کی جانے والی اقوام متحدہ کی سلامتی کونسل کی قرارداد 1967 کی روشنی میں کیے گئے ہیں۔
’کارروائی ہوگی تو پاکستان کی سنجیدگی کا پتا چلے گا‘
حافظ سعید نظر بند، جماعت الدعوۃ واچ لسٹ میں شامل
خیال رہے کہ انڈیا کی وزارت خارجہ کا کہنا تھا کہ جب تک پاکستان صحیح معنوں میں شدت پسند عناصر کے خلاف کارروائی نہیں کرتا تب تک یہ یقین کرنا مشکل ہوگا کہ وہ دہشت گردی کے خلاف واقعی سنجیدہ ہے۔
انڈین وزارتِ خارجہ کے ترجمان نے ایک بیان میں کہا تھا کہ ‘پاکستان نے حافظ سعید کو پہلے بھی اسی طرح نظر بند کیا تھا۔ ممبئی حملے کے اصل ملزم اور پاکستان کی سرزمین سے انڈیا میں دہشت گردانہ کارروائیاں کرنے والی تنظیموں کے خلاف صحیح معنوں میں سخت کارروائی سے یہ ثابت ہو گا کہ پاکستان دہشت گردی پر قابو پانے میں واقعی سنجیدہ ہے۔’
اس بیان پر پاکستانی وزارت داخلہ کے ترجمان نے ردعمل دیتے ہوئے کہا کہ اقوام متحدہ کی قرارداد کے مطابق حکومت کو کچھ اقدامات کرنے ہوتے ہیں جیسے اسلحے اور نقل حرکت پر پابندی اور اثاثے منجمند کرنا شامل ہیں جو کچھ وجوہ کی بنا پر گذشتہ حکومتیں نہیں کر سکیں۔
ترجمان وزارت داخلہ کا کہنا ہے کہ انڈیا حافظ سعید کی سیاسی سرگرمیوں کو پاکستان کو بدنام کرنے کے آلے کے طور پر استعمال کرتا رہا ہے۔ عالمی برادری کو اس کا نوٹس لینا چاہیے اور سمجھنا چاہیے کہ پاکستان ایک جمہوری معاشرہ ہے جہاں عدلیہ آزاد، خودمختار اور شفاف فیصلے کرتی ہے۔
ترجمان کا کہنا تھا کہ ‘اگر انڈیا اپنے الزامات کے بارے میں واقعی سنجیدہ ہے تو اسے چاہیے کہ وہ حافظ سعید کے خلاف ٹھوس ثبوت پیش کرے جنھیں پاکستان یا دنیا میں کہیں بھی قانون کی عدالت میں پیش کیا جا سکے۔‘
ترجمان کا کہنا تھا کہ محض بہتان بازی اور بغیر کسی ثبوت کے الزامات سے خطے میں قیام امن کی کوششوں میں مدد نہیں مل سکتی۔

باسکٹ بال میچ کے دوران کھلاڑی کی آنکھ باہر نکل آئی

نیوزی لینڈ کے شہر آکلینڈ میں جاری باسکٹ بال کے ایک میچ کے دوران امریکی کھلاڑی اکل مچل کی آنکھ ایک دوسرے کھلاڑی کی انگلی لگنے کے باعث ان کے چشم خانے سے باہر نکل آئی۔

اکل مچل آکلینڈ بریکرز کی نمائندگی کر رہے

آنکھ نکل آنے کے بعد اکل مچل تکلیف کے مارے اپنی آنکھوں پر ہاتھ رکھے زمین پر گر گئے اور انھیں فوراٌ ہسپتال منتقل کر دیا گیا۔

انھوں نے نیوزی لینڈ ریڈیو سپورٹ سے بات کرتے ہوئے کہا:’ مجھے اپنی ہتھیلی پر محسوس ہوا کہ میری آنکھ میرے چہرے پر آ گئی ہے۔ میں سوچ رہا تھا کہ یہ تو بہت برا ہوا ہے اور مجھے احساس تھا کہ آنکھ اپنی جگہ پر نہیں ہے اور اس سے میں کچھ دیر کے لیے بہت پریشان بھی ہوا۔’

24 سالہ اکل مچل نے کہا کہ انھیں شائقین کی آوازیں اور ساتھی کھلاڑیوں کی پریشانی یاد ہے اور ساتھ ساتھ ان کو ایسا لگا کے جیسے وہ اپنی بینائی کھو دیں گے اور ان کا کیرئیر ختم ہو جائے گا۔

اکل مچل نے کہا: ‘جب میں ایمبولینس میں گیا تو مجھے انھوں نے درد اور آنکھ کی دوا دی اور اس وقت مجھے لگا کہ میری آنکھ اپنی جگہ پر واپس چلی گئی ہے جو کہ بہت ہی عجیب سے کیفیت تھی۔ یہ بہت ہی زیادہ حیران کن بات ہے کہ میں آنکھ جھپکنے پر اس قدر خوش تھا۔’

اکل مچل نے ہسپتال سے فارغ ہونے کے بعد اپنی ٹویٹ میں کہا کہ اب ان کی بینائی ٹھیک ہے اور وہ بہت جلد میدانِ کھیل میں واپس آجایئں گے۔

میں انڈین ہوں اور میں نے کالا ہرن نہیں مارا: سلمان خان

انڈین اداکار سلمان خان نے شہ سرخیوں میں جگہ بنانے والے سیاہ ہرن شکار کیس میں اپنے اوپر عائد کیے گئے تمام الزامات کی مسترد کر دیا ہے۔

انھوں نے کہا ہے کہ وہ مکمل طور معصوم ہیں اور انھیں جان بوجھ کر پھنسایا گیا ہے۔

جودھپور سے سلمان کے وکیل ہستيمل سارسوت نے بی بی سی کو بتایا کہ ‘جرح کے دوران سلمان سے 65 سوال پوچھے گئے۔ انھوں نے اس معاملے میں اپنے اوپر لگائے گئے تمام الزامات کو مسترد کرتے ہوئے کہا کہ سیکورٹی وجوہات کی بنا پر ان کا باہر نکلنا ممکن ہی نہیں تھا۔ انہوں نے کوئی شکار نہیں کیا۔’

وکیل سارسوت کے مطابق شوٹنگ کا پروگرام بہت مصروف رہتا ہے اور سلمان خان کے پاس وقت ہی نہیں تھا کہ وہ اور کچھ کر سکیں۔

سلمان خان نے جودھپور کی عدالت میں کہا تھا کہ ڈاکٹر نیپاليا کی میڈیکل رپورٹ درست تھی۔ لیکن بعد میں محکمہ جنگلات نے میڈیکل بورڈ کی فرضی رپورٹ دی۔ سلمان نے کہا کہ ایک مقامی اخبار میں خبر شائع ہونے کے بعد محکمہ جنگلات نے ان”یں پھنسانے کے لیے مقدمہ درج کرایا۔

سلمان خان نے ان کا نام اور ذات پوچھے جانے پر خود کو ‘انڈین’ بتایا۔

ایبولا سے بچاو¿ کے لیے چمگادڑ کھانے پر پابندی

۔نیند کی کمی کے دماغ پر برے اثرات سے ہر کوئی واقف ہے، لیکن ایک نئی تحقیق کے مطابق نیند میں کمی کے اثرات ہمارے اندازے سے زیادہ ہیں کیونکہ اس سے دماغ کے خلیے ہمیشہ کے لیے تباہ ہو سکتے ہیں۔ دماغی سائنس کے جریدے ’جرنل آف نیورو سائنس‘ میں شائع ہونی والی تحقیق میں کہاگیا ہے کہ ایک تجربے میں چوہوں کو زیاہ دیر تک جگائے رکھے جانے سے ان کے 25 فیصد دماغی خلیے مرگئے۔ امریکی سائنسدانوں کا کہنا ہے کہ اگر انسانوں پر بھی نیند ضائع ہونے کے ایسے ہی اثرات ہوتے ہیں تو شاید کھوئی ہوئی نیند کو پورا کرنے کا کوئی فائدہ نہ ہو۔ ان سائنسدانوں کا خیال ہے کہ شاید ہم ایک دن کوئی ایسی دوا بنانے میں کامیاب ہو جائیں جو دماغی خلیوں کو نیند کی کمی کے منفی اثرات سے محفوظ رکھ سکے۔ جریدے میں شائع ہونے والی تحقیق کی بنیاد لیباٹری میں چوہوں پر کیے جانے والے تجربات ہیں۔ ان تجربات میں چوہوں کو اسی طرز پر نیند کی کمی کا شکار کیا گیا جس کا شکار جدید دور میں رات کی شفٹ یا دیر تک دفتر میں کام کرنے سے انسان خو ہو رہے ہیں۔ امریکہ کی یونیورسٹی آف پینسلوینیا کے شعبہ طب نے چوہوں کے دماغ کے ان خلیوں کا مطالعہ کیا جو دماغ کو چاک و چوبند رکھتے ہیں۔ چوہوں کو کئی دنوں تک نیند کی کمی کے ایسے ہی تجربات سے گزارا گیا جس سے شفٹ میں کام کرنے والے انسان گزرتے ہیں، یعنی ہفتے میں تین رات کی شفٹیں جس میں آپ چوبیس گھنٹوں میں صرف چار پانچ گھنٹے سوتے ہیں۔ ان تجربات میں دیکھا گیا کہ چوہوں کے دماغ کے پچیس فیصد خلیے ختم ہو گئے۔تحقیق کرنے والے سائنسدانوں کا کہنا ہے کہ یہ اس بات کا پہلا سائنسی ثبوت ہے کہ نیند میں کمی سے دماغی خلیے ختم ہو جاتے ہیں، تاہم یہ جاننے کے لیے کہ آیا انسانوں پر بھی نیند کی کمی کے ایسے ہی اثرات ہوتے ہیں، ہمیں مذید تجربات کرنے کی ضرورت ہے۔

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